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Saturday, 20 October 2018




आगामी आंदोलन के लिए AUAB द्वारा सेक्रेटरी डॉट और सीएमडी, बीएसएनएल को नोटिस जारी

माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा AUAB के साथ 24.02.2018 को हुई मीटिंग में दिए गए आश्वासनों पर अमल करने की मांग को लेकर प्रेस कांफ्रेंस, धरना, रैली आयोजित करने के लिए AUAB द्वारा सेक्रेटरी डॉट और सीएमडी, बीएसएनएल को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस पर सभी मान्यता प्राप्त यूनियन्स-एसोसिएशन्स के महासचिवों के अलावा अन्य प्रमुख यूनियन व एसोसिएशन के जीएस या उनके प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर है। नोटिस में यह चेतावनी भी दी गई है कि मांगों का 30.11.2018 तक निराकरण न होने की स्थिति में हड़ताल होगी जिसकी तिथि बाद में सूचित की जाएगी।
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  1. Non implementation of assurances.PDF
Oct 15, 2018

बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति : सच और अफवाहें

कॉम पी अभिमन्यु, महासचिव द्वारा प्रेषित संदेश
बीएसएनएल ईयू द्वारा बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति के संबंध में  कर्मचारियों को यह संदेश दिया जा रहा है। यह सत्य है कि बीएसएनएल विकराल वित्तीय स्थिति के मध्य फंसा हुआ है। कंपनी को हर माह अपने कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था के लिए भी काफी जद्दोजहद करना पड़ रही है। कॉर्पोरेट ऑफिस के लिए मेडिकल व अन्य बिल्स के भुगतान के लिए फंड्स अलॉट करना भी संभव नही हो पा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के वेजेस भुगतान में भी कॉर्पोरेट ऑफिस द्वारा फण्ड अलॉटमेन्ट के अभाव में भयंकर विलंब हो रहा है।
ऐसे समय में, कंपनी की वित्तीय समस्याओं को ले कर कुछ दुष्प्रचारक कर्मचारियों में भय निर्मित कर रहे हैं। इन दुष्प्रचारक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही विभिन्न अफवाहों से कर्मचारी विभ्रम की स्थिति में है और अपने भविष्य को ले कर चिंतित भी। अतः बीएसएनएल ईयू यह अपनी जिम्मेदारी समझती है कि वह जो कुछ भी हो रहा है उसका यथार्थ चित्रण कर्मचारियों के समक्ष रखे।
हम यहां यह स्पष्ट रूप से बताना चाहेंगे कि बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति पर रिलायंस जियो द्वारा सितंबर 2016 से शुरू किए गए मूल्य युद्ध ( Tarrif War) की वजह से बेहद भयावह असर हुआ है। न केवल बीएसएनएल, वरन एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया भी अलाभप्रद स्थिति में पहुंच गए हैं। सच तो यह है कि सम्पूर्ण दूरसंचार उद्योग ही "तनाव" में है। बावजूद इसके, बीएसएनएल की स्थिति एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया की स्थिति से कहीं ज्यादा बेहतर है। सभी निजी कंपनियों पर भयंकर कर्ज है। उदाहरण के लिए, एयरटेल पर रु 95,000 करोड़ का कर्ज है एवं वोडाफोन और आईडिया भी कुल रु 1,20,000 करोड़ के ऋण में है। तुलनात्मक रूप से, यह सुखद खबर है कि बीएसएनएल पर कुछ हजार करोड़ का ही कर्ज है।
इसके अलावा, रिलायंस जियो से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। वस्तुतः 2017 में बीएसएनएल के ग्राहकों की वृद्धि एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया से अधिक थी। 2017 में बीएसएनएल की ग्राहक वृद्धि दर 11.50% थी, वहीं एयरटेल की वृद्धि दर थी मात्र 9.13%। वोडाफोन की ग्राहक वृद्धि दर केवल 3.83% रही तो आईडिया की 3.14%।
बीएसएनएल की समस्या सिर्फ यही है कि उसके राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) में बेतहाशा गिरावट आ रही है। लेकिन दूरसंचार उद्योग के विशेषज्ञों का यह मानना है कि वर्तमान में जारी टैरिफ वार ज्यादा समय तक नही चलेगा, ज्यादा से ज्यादा मार्च 2019 तक यह जारी रहेगा। उनके अनुसार, इसके बाद टैरिफ में वृद्धि होना शुरू होगी। इसका मतलब बीएसएनएल सहित सभी टेलीकॉम कंपनीज के राजस्व में वृद्धि की शुरुआत होगी। परिणाम स्वरूप, बीएसएनएल की नगदी समस्या (Cash Problem) शनैः शनैः समाप्त होती जाएगी।
इसके साथ ही, AUAB द्वारा किए गए संघर्ष की बदौलत बीएसएनएल को शीघ्र ही 4G स्पेक्ट्रम भी मिलने जा रहा है। 4G स्पेक्ट्रम मिलने के 6 माह पश्चात बीएसएनएल सभी सर्कल्स में 4G सेवाएं प्रदान करने की स्थिति में होगा। इधर AUAB  सभी कर्मचारियों से सेल्स व मार्केटिंग में अपनी व्यापक रूप से सहभागिता का अनुरोध करते हुए  "बीएसएनएल-आपके द्वार" मूवमेंट की शुरुआत कर ही चुका है। इसके साथ ही AUAB ने मैनेजमेंट से अनावश्यक खर्चों में कटौती की भी मांग की है। AUAB ने उच्च प्रबंधन के आरामदेह और शाही खर्चों पर लगाम लगाने हेतु आवश्यक खर्च कटौती मापदंड का पालन करने की भी मांग की है। इन मापदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करवाने के लिए AUAB की लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
अतः बीएसएनएल ईयू सभी को सूचित करती है कि बीएसएनएल की वित्तीय समस्याएं शीघ्र ही समाप्त होंगी। बीएसएनएल का भविष्य बेहद सुनहरा है। हम दुष्प्रचारकों की अफवाहों और उनके द्वारा गढ़ी गई कहानियों पर विश्वास न करें।
आओ, हम विश्वासभरे कदमों के साथ एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर होंवे। निःसंदेह भविष्य हमारा है।
पी अभिमन्यु, जीएस

आज वेज रिवीजन पर चर्चा सम्पन्न... पे स्केल्स पर समझौता हुआ... मैनेजमेंट साइड का HRA फ्रिज करने का प्रस्ताव स्टाफ साइड ने एकमत से खारिज किया

जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ द नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की  मीटिंग आज 09.10.2018 को सम्पन्न हुई। स्टाफ साइड और मैनेजमेंट साइड के  सभी सदस्य उपस्थित रहे। श्री के सी पंत ने अध्यक्षता की। पे स्केल्स के रिवीजन के लिए चर्चाएं शुरू हुई।
स्टाफ साइड की NE-4 और NE-5 स्केल के उच्चतम में वृद्धि करने की मांग मैनेजमेंट साइड ने स्वीकार नही की। अतः 10.09.2018 की मीटिंग की मीटिंग में मैनेजमेंट साइड द्वारा प्रस्तावित स्केल्स पर ही सहमति बनी। इसके बाद एलाउन्सेस और पर्क्स (भत्ते व सुविधाएं) के रिवीजन पर चर्चा शुरू हुई। सर्व प्रथम HRA के रिवीजन पर चर्चा हुई। मैनेजमेंट साइड ने बताया कि बीएसएनएल बोर्ड एग्जीक्यूटिव्ज के पे रिवीजन का प्रस्ताव पहले ही DOT को प्रेषित कर चुका है जिसमें 31.12.2016 की तरह HRA फ्रिज करने का उल्लेख है। उन्होंने यह भी कहा कि नॉन एग्जीक्यूटिव्ज के लिए भी यही लागू होगा। इसका मतलब यह हुआ कि नॉन एग्जीक्यूटिव्ज का HRA रिवीजन नही होगा और जो भी HRA अभी प्राप्त हो रहा है वही जारी रहेगा। मैनेजमेंट साइड ने कंपनी की कमजोर वित्तीय स्थिति के मद्दे नजर इसे उचित बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि HRA रिवीजन, जो कि लगभग रु 570 करोड़ है, को भी वेज रिवीजन प्रस्ताव में शामिल किया गया तो DOT वेज रिवीजन प्रस्ताव का अनुमोदन नही करेगा।
स्टाफ साइड ने एक मत से मैनेजमेंट साइड के प्रस्ताव को सिरे से खारिज़ कर दिया और कहा कि वे HRA रिवीजन सरेंडर नही करेंगे। उन्होंने एक स्वर में यह कहा कि HRA वेतन का हिस्सा है और इसे फ्रिज नही किया जाना चाहिए। स्टाफ साइड ने पुरजोर तरीके से मांग की कि नॉन एग्जीक्यूटिव्ज का HRA नए वेतन अनुसार ही संशोधित होना चाहिए। इस गतिरोध के साथ आज की मीटिंग समाप्त हुई।


AUAB का प्रेस कांफ्रेंस, धरना, रैली करने का निर्णय... हड़ताल हेतु भी तैयार रहने का आव्हान


आज दिनांक 08.08.2018 को  सम्पन्न AUAB की मीटिंग में माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा वेज रिवीजन, पेंशन रिवीजन, 4G स्पेक्ट्रम का आवंटन और वास्तविक मूल वेतन पर आधारित पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन का भुगतान आदि को लेकर दिए गए आश्वासनों को शीघ्र लागू करने की मांग करते हुए निम्नानुसार आंदोलन (प्रोग्राम ऑफ एक्शन) करने का निर्णय लिया गया।
(1)  परिमंडल और जिला स्तर पर 29.10.2018 को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर हमारी मांगों पर और विशेष रूप से सरकार की बीएसएनएल विरोधी व निजी समर्थक नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाए।
(2) सभी स्तर पर 30.10.2018 को धरना।
(3) परिमंडल व जिला स्तर पर 14.11.2018 को रैली निकाली जाए।  
(4) डिमांड्स का शीघ्र निराकरण न होने की स्थिति में सभी कर्मचारियों को गंभीर संघर्ष, जिसमें हड़ताल भी शामिल है, हेतु लामबंद किया जाए। 
सीएचक्यू ने सभी परिमंडल व जिला यूनियन्स से अनुरोध किया है कि अन्य यूनियन्स व एसोसिएशन्स से समन्वय स्थापित कर उपर्युक्त कार्यक्रम सफलता पूर्वक आयोजित करें।






01.10.2018 से बढ़े आईडीए पर डीपीई केआदेश

बीएसएनएल ईयू द्वारा 28.01.2018 को सम्पन्न JE LICE परीक्षा में रिलैक्सेशन की मांग के मद्दे नज़र देश भर में 250 साथी क्वालिफाइड (योग्य) घोषित हुए हैं


BSNLEU की सभी सफल साथियों को बधाई और CMD BSNL और  डायरेक्टर (HR) का आभार
बीएसएनएल ईयू द्वारा 28.01.2018 को सम्पन्न JE LICE परीक्षा देने वाले कर्मचारियों के लिए "एक बार रिलैक्सेशन" देने की मांग प्रभावी तरीक़े से की जाती रही है। ऑनलाइन एग्जाम होने से उक्त एग्जाम के पूर्व में घोषित परिणाम काफी निराशाजनक थे और इसी वजह से रिलैक्सेशन की मांग की गई थी। इस मुद्दे पर सीएमडी बीएसएनएल श्री अनुपम श्रीवास्तव के साथ 10.07.2018 को हुई मीटिंग में भी विशेष तौर पर चर्चा की गई थी। इस मीटिंग में ही सीएमडी बीएसएनएल ने बीएसएनएल ईयू द्वारा प्रस्तुत इस मांग के आधार (जस्टिफिकेशन) को स्वीकारते हुए शीघ्र ही उचित कार्यवाही हेतु सहमति व्यक्त की थी। तत्पश्चात इस मुद्दे को डायरेक्टर (एच आर) के समक्ष भी रखा गया था। बीएसएनएल ईयू द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप कॉर्पोरेट ऑफिस ने कुछ समय पूर्व रिलैक्सेशन हेतु पत्र जारी किया था। इसके आधार पर परीक्षा परिणाम रिव्यु किए गए । फलस्वरूप देश भर में कुल 250 और मध्यप्रदेश परिमंडल में 15 साथी योग्य घोषित किए गए।
यहां यह जानना जरूरी है कि बीएसएनएल के इतिहास में पहली बार किसी आंतरिक परीक्षा में रिलैक्सेशन दिया गया है। योग्य घोषित सभी साथियों को तहे दिल से बधाई।
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  1. ANNEX A LICEJR RLX (1).pdf

जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ द नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की छठीं मीटिंग 28.09.2018 को सम्पन्न

जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ द नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की छठीं मीटिंग 28.09.2018 को सम्पन्न हुई। स्टाफ साइड और मैनेजमेंट साइड के  सभी सदस्य उपस्थित रहे। पे स्केल्स को अंतिम रूप देने के लिए चर्चाएं हुई। स्टाफ साइड को प्राप्त "लाइव केसेस" के आधार पर आज की मीटिंग में यह मांग रखी गई कि NE-4 और NE-5 स्केल के उच्चतम में सुधार किया जाए जिससे कि उसमें एक और इन्क्रीमेंट का प्रावधान हो सके। स्टेग्नेशन कि स्थिति निर्मित न हो इस हेतु यह आवश्यक है। मैनेजमेंट साइड ने स्टाफ साइड की मांग को स्वीकार कर एक्जामिन करने की स्वीकृति दी। साथ ही, स्टाफ साइड ने मांग रखी कि पे स्केल्स के एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर डॉट के अनुमोदन के लिए शीघ्र भेजा जाए। इस पर मैनेजमेंट साइड ने जवाब दिया कि पे स्केल्स के पुनरीक्षण प्रस्ताव के साथ साथ भत्तों व पर्क्स के संशोधन से वित्तीय स्थिति पर होने वाले असर के बिंदुओं को भी डॉट के अनुमोदन के लिए प्रेषित करना जरूरी है। इसके मद्दे नज़र विभिन्न भत्तों व पर्क्स के संशोधन पर 09.10.2018 को होने वाली आगामी मीटिंग में चर्चा करने का निर्णय लिया गया।

IDA में वृद्धि


प्राप्त जानकारी अनुसार 01.10.2018 से IDA में 7.6% की वृद्धि दर्ज की गई है। IDA अब 128% से बढ़ कर 135.6% हो गया है।
एक लंबे अंतराल के बाद IDA में वृहद वृद्धि हुई है। बधाई।

जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ द नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की पांचवीं मीटिंग 14.09.2018 को सम्पन्न


आज दिनांक 14.09.2018 को जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ द नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की पांचवीं मीटिंग हुई। कमिटी के चेयरमैन श्री एच सी पंत ने अध्यक्षता की। जॉइंट कमिटी के सभी मेंबर्स उपस्थित रहे। विगत मीटिंग में मैनेजमेंट साइड द्वारा प्रस्तावित नए पे स्केल्स पर चर्चा हुई। स्टाफ साइड ने मैनेजमेंट साइड को बताया कि उन्होंने नए पे स्केल्स का विस्तृत रूप से अध्ययन किया और मोटे तौर पर उन्हें नए पे स्केल्स स्वीकार्य है। फिर भी स्टाफ साइड ने एक सप्ताह का समय मांगा जिससे कि स्टाफ साइड को प्राप्त लाइव केसेस के आधार पर नए पे स्केल्स में यदि किसी प्रकार के परिवर्तन की आवश्यकता महसूस हो तो उस संबंध में उचित सुझाव दिया जा सके। इस मांग को मैनेजमेंट साइड ने मान लिया। यह भी निर्णय लिया गया कि जॉइंट कमिटी की अगली बैठक 28.09.2018 को होगी।
जॉइंट मीटिंग के बाद स्टाफ साइड की मीटिंग हुई। आगामी जॉइंट मीटिंग में चर्चा हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले अन्य मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। आगामी रणनीति तय करने के लिए स्टाफ साइड की एक और मीटिंग 25.09.2018 को रखने का निर्णय भी लिया गया

वेज रिवीजन पर अनौपचारिक चर्चाएं

27.08.2018 को सम्पन्न जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन पर सम्पन्न मीटिंग में स्टाफ साइड द्वारा वेज रिवीजन हेतु जारी निगोशिएशन्स की कछुआ चाल पर असंतोष व्यक्त किया गया था।निगोशिएशन्स तीव्र गति से जारी रखने हेतु स्टाफ साइड द्वारा यह सुझाव भी दिया गया था कि ऑफिशियल मीटिंग्स के अलावा वेज रिवीजन पर अनौपचारिक रूप से भी चर्चाएं की जानी चाहिए। इस सुझाव को मान लिया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार एक अनौपचारिक मीटिंग 30.08.2018 को हो चुकी है।

27.08.2018 को सम्पन्न जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की मीटिंग पर ब्रीफ नोट

जॉइंट कमिटी ऑन वेज रिवीजन ऑफ नॉन एग्जीक्यूटिव्ज की तृतीय मीटिंग 27.08.2018 को सम्पन्न हुई। कमिटी के चेयरमैन श्री एच सी पंत ने अध्यक्षता की। स्टाफ साइड और मैनेजमेंट साइड के सभी सदस्य मीटिंग में मौजूद थे। विगत मीटिंग के पूर्व ही स्टाफ साइड द्वारा  नए वेतनमान के स्ट्रक्चर पर एक नोट प्रस्तुत किया जा चुका है। इस मीटिंग में प्रबंधन पक्ष द्वारा नए पे स्केल को लेकर अपने प्रस्ताव रखे गए।
मैनेजमेंट साइड द्वारा प्रस्तावित किया गया कि वर्तमान में जो पे स्केल है उसके न्यूनतम में 2.4 का गुणा कर नए पे स्केल की गणना की जानी चाहिए। तदनुसार उन्होंने प्रस्ताव रखा कि NE 1 पे स्केल का न्यूनतम रु 18600/- होगा। किन्तु स्टाफ साइड ने इसे स्वीकार नही किया। उन्होंने मांग की कि मल्टीप्लिकेशन फैक्टर 2.44 होना चाहिए। इस आधार पर NE 1 पे स्केल का न्यूनतम होगा रु 18934/- और राउंड ऑफ करने पर यह रु 19000/- होगा। स्टाफ साइड ने यह भी मांग रखी कि प्रत्येक स्केल के न्यूनतम निर्धारण हेतु मल्टीप्लिकेशन फैक्टर 2.44 होना चाहिए। स्टाफ साइड के इस प्रस्ताव को मैनेजमेंट साइड ने विचारार्थ स्वीकार किया। 
जहाँ तक पे स्केल के अधिकतम का सवाल है, स्टाफ साइड द्वारा पूर्व में दिए गए सुझाव अनुसार 43 वर्ष का स्पैन (अवधि) मानकर अधिकतम का निर्धारण किया जाए। किन्तु मैनजमेंट साइड द्वारा बताया गया कि ऐसा करने से पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन भुगतान में बड़ी राशि खर्च होगी। स्टाफ साइड ने मांग रखी कि पे स्केल्स की अवधि अधिकतम हो जिससे कि वेज रिवीजन पश्चात नॉन एग्जीक्यूटिव्ज के लिए स्टेग्नेशन की समस्या उत्पन्न न हो। इस पर 10.09.2018 को होने वाली मीटिंग में चर्चा जारी रखने का निर्णय लिया गया।
स्टाफ साइड ने वार्ता की गति में धीमेपन पर नाखुशी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गति के चलते चर्चा तत्परता से खत्म नहीं होगी। स्टाफ साइड ने मांग रखी कि कमिटी की मीटिंग्स लगातार होती रहे।



[27-07-2018]  





































2 comments:

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